बुड्ढा दल सिख इतिहास का एक प्राचीन और प्रतिष्ठित संगठन है, जो सदियों से आध्यात्मिक अनुशासन, मार्शल परंपरा और पंथ की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। इसकी यात्रा — प्रारंभिक गुरुओं के समय से लेकर आज तक — सिख पहचान, संप्रभुता और साहस की निरंतरता को दर्शाती है।
1. प्रारंभिक चरण: गुरु हरगोबिंद साहिब जी का मार्शल दर्शन
बुड्ढा दल की नींव उस समय रखी गई जब गुरु हरगोबिंद साहिब जी (1595–1644) ने सिख समुदाय में मिरी-पिरी का सिद्धांत स्थापित किया: